, Sept. 26 -- वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से करीब 40 श्रद्धालुओं का समूह गयाजी पहुंचा है। समूह में 14 जोड़े शामिल हैं। श्रद्धालु अपने दिवंगत माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों की आत्मा की शांति और सद्गति की कामना को लेकर पिंडदान करने पहुंचे हैं।श्रद्धालु महेश कुमार गर्ग ने बताया कि वे परिवार के साथ 17 दिनों के लिए गयाजी आए हैं।उन्होंने बताया कि उनके समूह ने बनारस से यात्रा शुरू की और गयाजी पहुंचने के बाद फल्गु नदी में पिंडदान किया। अब अगले 17 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर जाकर पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं ने कहा कि सनातन परंपरा में गयाजी में पिंडदान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यहां विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरण चिह्न की पूजा की जाती है।देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपने पितरों की सद्गति और मोक्ष की कामना लेकर गयाजी पहुंचते हैं।
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