, June 24 -- पार्षदों द्वारा अवगत कराया गया कि कई प्रतिष्ठान इस श्रेणी में आने के बावजूद गीले कचरे के वैज्ञानिक एवं वैधानिक निस्तारण की प्रक्रिया से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। ऐसे में इन प्रतिष्ठानों को नियमों के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली अपनाने में व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।इस समस्या के समाधान के लिए पटना नगर निगम द्वारा अंचल स्तर पर एवं आवश्यतानुसार वार्ड स्तर पर हैंडहोल्डिंग सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संबंधित प्रतिष्ठानों को गीले कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, ऑन-साइट प्रोसेसिंग तथा अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं के संबंध में प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
थोक अपशिष्ट उत्पादकों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद पटना नगर निगम की टीम संबंधित स्थल का निरीक्षण कर पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई सूचनाओं एवं आंकड़ों का सत्यापन करेगी।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के तहत पंजीकरण नहीं कराने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में स्थानीय निकायों द्वारा प्रति उल्लंघन 5,000 से 25,000 तक का जुर्माना निर्धारित किया जा सकता है।इसके अतिरिक्त लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कचरा संग्रहण सेवा बंद करने, वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ करने तथा अन्य दंडात्मक कदम उठाने का भी प्रावधान है।
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