, Aug. 5 -- मंत्री डॉ. प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक वर्ष जुलाई में वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है। वहीं 09 अगस्त को बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर राज्य के सभी विद्यालयों में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं को 11 सूत्री संकल्प की शपथ दिलाई जाती है, जिससे वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति आजीवन सजग और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बिहार में उल्लेखनीय जनसहयोग मिला है। अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4.42 करोड़ तथा 2025-26 में 1.85 करोड़ पौधारोपण का विवरण 'मेरी लाइफ' (मिशन लाइफ) पोर्टल पर दर्ज किया गया है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
राज्य सरकार जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 15 क्रियान्वयन विभागों के समन्वय से 11 प्रमुख अवयवों पर कार्य कर रही है। ग्रामीण विकास विभाग इसके नोडल विभाग के रूप में कार्य कर रहा है। अभियान के तहत जल संरक्षण, तालाबों एवं कुओं का जीर्णोद्धार, चेकडैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, पौधशाला सृजन, सघन वृक्षारोपण, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग तथा जनजागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
श्री प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की तरफ से वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 26,590 चेकडैम एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इसी अवधि में 23.67 करोड़ पौधों का रोपण भी किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 50.69 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि इस अभियान से भूजल स्तर में सुधार, हरित क्षेत्र का विस्तार, वैकल्पिक जल स्रोतों की उपलब्धता, सौर ऊर्जा को बढ़ावा तथा बाढ़ एवं सूखे जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायता मिलेगी।
मौके पर विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, जल-जीवन-हरियाली मिशन के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के जल-जीवन-हरियाली मिशन के मिशन निदेशक सुमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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