, May 16 -- कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अनीस अहमद ने की। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. अनीस अहमद ने कहा कि परीक्षा-तनाव आज के समय में लगभग सभी विद्यार्थियों में पाया जाता है। उन्होंने इसे एक सामान्य मानसिक स्थिति बताते हुए कहा कि बेहतर प्रदर्शन का दबाव, असफलता का डर तथा समय की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, गहरी सांस लेने के अभ्यास, सकारात्मक सोच, संतुलित आहार तथा सात-आठ घंटे की पर्याप्त नींद तनाव को कम करने में सहायक होती है।

प्रो. अहमद ने कहा कि रटने के बजाय विषय को समझकर पढ़ना तथा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रिवीजन करना परीक्षा की तैयारी का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं। थोड़ा तनाव सामान्य है, लेकिन उचित रणनीतियों और शांत मन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।"कार्यक्रम में डॉ. मो. ज़्या हैदर, अमृत कुमार झा तथा डॉ. दिवेश कुमार शर्मा ने भी परीक्षा एवं असाइनमेंट की तैयारी के दौरान तनाव से बचने के विभिन्न उपायों पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. निशात शाहीन ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया।इस कार्यक्रम में सामाजिक विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित