, May 27 -- बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष जलजमाव वाले क्षेत्रों का विस्तृत आकलन कर उसी आधार पर इस वर्ष की तैयारी सुनिश्चित की जाए। अनुमंडल पदाधिकारियों सहित सभी संबंधित विभागों के साथ इंटरडिपार्टमेंटल समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा गया। इसके साथ ही संभावित खतरों वाले स्थानों पर अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के लिए एक विस्तृतस्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर उसी के अनुरूप कार्य किया जाए। साथ ही कमांड सेंटर में मॉनिटरिंग के लिए अलग टीम गठित करने तथा मोटर, पंप एवं सम्प से संबंधित आपातकालीन परिस्थितियों के लिये अलग से कंटिंजेंसी प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि संकट की स्थिति में अन्य नगर निकायों की सहायता के लिए भी पूरी तैयारी रखी जाए।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष की समस्याओं एवं आंकड़ों का विश्लेषण कर इस वर्ष बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना चाहिए तथा आपातकालीन स्थिति में भी जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।

इस अवसर पर बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर एवं पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा मौजूद थे।

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