, July 9 -- स्वास्थ्य विभाग ने बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, समस्तीपुर एवं सिवान सहित श्रावणी मेला से जुड़े सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही सुल्तानगंज- देवघर कांवरिया पथ एवं राज्य के अन्य प्रमुख मेला क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।विभागीय निर्देशों के अनुसार कांवरिया मार्ग एवं प्रमुख मेला क्षेत्रों में प्रत्येक दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। इन शिविरों में चिकित्सक, एएनएम, पारा मेडिकल कर्मी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। साथ ही प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाओं, बेड, ऑक्सीजन एवं चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों को अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों की संख्या, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, दवाओं के भंडारण तथा एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से सर्पदंश, जलजनित रोगों एवं अन्य आपातकालीन स्थितियों के उपचार के लिये आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके तहत एंटी रेबीज वैक्सीन तथा एंटी स्नेक वेनम सीरम का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं,जिससे किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं जागरूकता संदेश उपलब्ध कराने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। स्वास्थ्य शिविरों एवं प्रमुख मेला स्थलों पर होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर लगाए जाएंगे। इन सामग्रियों पर संबंधित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क नंबर भी अंकित किए जाएंगे, जिससे आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालु आसानी से चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकें।
विभाग ने विभिन्न जिलों द्वारा मांगे गए चिकित्सकों, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक जानकारी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए कहा गया है। सभी सिविल सर्जनों, जिला कार्यक्रम प्रबंधकों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें राज्य सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि मेले के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर प्रभावी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो तथा संपूर्ण आयोजन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो।
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