, Sept. 23 -- स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने कहा कि "संतुलन ही आयुर्वेद का मूल मंत्र है।" शरीर में वात, पित्त और कफ के संतुलन के साथ शरीर एवं मन तथा मनुष्य एवं प्रकृति के संतुलन को आयुर्वेद में विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का मूल उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा तथा रोगी के रोग का निवारण करना है। आधुनिक जन-स्वास्थ्य व्यवस्था में भी निवारक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धति को प्रमाण आधारित शोध के साथ जोड़ने से जनविश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और एआई का उपयोग अपने ज्ञान एवं अनुभव के साथ करते हुए आयुष चिकित्सा को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के उद्घाटन से पूर्व मंत्री ने राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की आधुनिक रक्तदान वैन का निरीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने राजकीय आयुर्वेद कॉलेज द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस दौरान मंत्री ने औषधीय पौधों के स्टॉल, आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श केंद्र तथा औषधि वितरण स्टॉल का जायजा लिया और संबंधित व्यवस्थाओं एवं सेवाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी ली।
कार्यक्रम में कुमार रवि सचिव, स्वास्थ्य विभाग, अरविंद कुमार वर्मा, विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, वैभव चौधरी, कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति शंभू शरण अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, गोपाल कृष्ण, विधि पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग स्पर्श गुप्ता, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, श्रीमती अनुपमा सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, श्रीमती नीलिमा साहू, संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग, सुमित कुमार, परियोजना निदेशक, बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी, कौशलेंद्र कुमार, आप्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्री सहित स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, आयुर्वेद के आचार्यगण, आयुष चिकित्सक, शिक्षक, शोधकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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