, July 9 -- क्लीन एयर डैशबोर्ड पर दर्ज शिकायतों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। पहली श्रेणी स्वच्छता से संबंधित है, जिसके अंतर्गत कचरा प्वॉइंट पर गंदगी, खुले में कचरा डंप करना, कचरा जलाना, नाला उड़ाही के बाद निकाली गई सिल्ट को निर्धारित समय से अधिक खुले में छोड़ने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। दूसरी श्रेणी निर्माण एवं विध्वंस सामग्री के प्रबंधन से संबंधित है, जिसमें बिना ढके निर्माण अथवा विध्वंस कार्य करना, खुले में निर्माण सामग्री एवं मलबा रखना तथा अवैध रूप से निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का डंपिंग जैसे मामले शामिल हैं।इन सभी शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग क्लीन एयर डैशबोर्ड के माध्यम से की जाती है। औचक निरीक्षण के दौरान सर्वेयर द्वारा प्रदूषण के स्रोत की पहचान होते ही संबंधित शिकायत तत्काल डैशबोर्ड पर दर्ज की जाती है, जिससे संबंधित पदाधिकारी को स्वतः नोटिफिकेशन प्राप्त होता है। शिकायत के निष्पादन के बाद मुख्यालय स्थित विशेषज्ञ स्मार्ट टूल के माध्यम से उसका क्रॉस वेरिफिकेशन करते हैं। यदि कार्रवाई संतोषजनक नहीं पाई जाती है तो पुनः शिकायत दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाती है। वहीं, यदि शिकायत बुडको, पथ निर्माण विभाग, गेल, पटना मेट्रो अथवा अन्य लाइन एजेंसियों से संबंधित होती है, तो उसे संबंधित विभाग को अग्रसारित कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाता है।

पटना नगर निगम शहर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर स्वच्छता एवं धूल नियंत्रण अभियान संचालित कर रहा है। इस अभियान के तहत अब निजी प्लॉटों की भी डीप क्लीनिंग कराई जा रही है,जिससे धूल, कचरे एवं खुले में जमा अपशिष्ट से होने वाले वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही आवासीय क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में रोड-टू-रोड कचरा उठाव की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शहर के प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों एवं निर्माण स्थलों पर वायु में उड़ने वाले पार्टिकुलेट मैटर को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से वाटर स्प्रिंकलिंग की जा रही है। साथ ही, कचरा प्वॉइंट्स की नियमित सफाई एवं नागरिकों को स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

निर्माण एवं विध्वंस सामग्री से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पटना नगर निगम पूरे शहर में नियमित हॉटस्पॉट सर्वे संचालित कर रहा है। क्लीन एयर डैशबोर्ड के माध्यम से अवैध मलबा डंपिंग स्थलों की पहचान कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अब तक डैशबोर्ड पर 16,749 अवैध मलबा डंपिंग के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 15,903 मामलों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। यह शहर में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में नगर निगम की प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

निर्माण एवं विध्वंस सामग्री के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर निगम ने नागरिकों को अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

मलबा उठाव के लिये हेल्पलाइन 155304 पर संपर्क किया जा सकता है।

नगर निगम द्वारा मलबा उठाव सेवा 600 रुपया प्रति फेरा शुल्क पर उपलब्ध है।

स्वयं मलबा जमा करने के लिए सभी अंचलों में निःशुल्क सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट बनाए गए हैं।

सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से मलबा फेंकने वालों पर 1,500 रूपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।अवैध डंपिंग पाए जाने पर मलबा जब्त करने के साथ संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

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