, Oct. 21 -- नगर निगम द्वारा घाटों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की भी सफाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके और धार्मिक गतिविधियों के बाद घाटों पर गंदगी जमा न हो।श्रद्धालुओं से अपील की गयी है कि वे पूजन सामग्री एवं अन्य कचरा घाटों पर नहीं छोड़ें तथा निर्धारित स्थानों पर ही उसका निस्तारण करें। नागरिकों का सहयोग घाटों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रतिमा विसर्जन के बाद तालाबों से मूर्तियों के अवशेष एवं पूजन सामग्री निकालने और विसर्जन स्थलों की गहन सफाई के लिए अतिरिक्त मानवबल की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार इस कार्य में गोताखोरों की सहायता भी ली जाएगी।

सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पाटलिपुत्र अंचल में 30 तथा अजीमाबाद अंचल में 140 अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती का प्रावधान किया गया है। विसर्जन के बाद घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों से कचरे का उठाव कर स्वच्छता बहाल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

त्योहारों के दौरान शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए पटना नगर निगम द्वारा दुर्गा पूजा से छठ महापर्व के समापन तक विशेष स्वच्छता अभियान की व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में 10-10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती का प्रावधान किया गया है।इससे प्रमुख सड़कों, पूजा पंडालों के आसपास, सार्वजनिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई और कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

पटना नगर निगम द्वारा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षित आवागमन एवं घाटों की स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। निर्धारित स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ सफाई कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि विसर्जन की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

पटना नगर निगम ने अपील की है कि श्रद्धालु निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें और पूजन सामग्री घाटों पर न छोड़कर निर्धारित स्थानों पर डालें। जनसहयोग एवं निगम की निरंतर सक्रियता से ही सुरक्षित विसर्जन के साथ घाटों की स्वच्छता भी सुनिश्चित की जा सकती है।

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