, Sept. 4 -- आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को नगर निगम द्वारा कंगन घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़कर घाट के समीप जाने का प्रयास किया गया। ऐसी घटनाओं को रोकने एवं लोगों को जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से प्रतिबंधित करने के लिए हाइवा की मदद से घाट की ओर जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया है।नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन माइकिंग के माध्यम से आम नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों से स्पष्ट रूप से अपील की जा रही है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर एवं तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर न जाएं और किसी भी प्रकार का जोखिम न लें।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों से सटे कई स्थानों पर पानी के सीपेज की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर निगम की टीमें ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। फील्ड टीमों द्वारा स्थलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी नियमित रूप से फोटो एवं वीडियो सहित कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा द्वारा सभी संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को आवश्यक पंप सेट स्टैंड बाई में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित अधिकारियों एवं फील्ड टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल जलनिकासी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिक वर्षा अथवा गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की स्थिति में शहर के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न होने वाले संभावित जलजमाव से त्वरित रूप से निपटने के लिए निगम की मशीनरी एवं संसाधनों को तैयार रखा जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित एवं विस्थापित लोगों की सुविधा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मीनार घाट स्थित कम्युनिटी किचेन तथा बिंद टोली में विस्थापितों के टेंट के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था की गई है। दोनों स्थानों पर आम नागरिकों एवं विस्थापित परिवारों की सुविधा के लिए एक-एक लू कैफे एवं एक-एक पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की गई है।
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