, Sept. 4 -- स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी एवं निरंतर बनाए रखने के लिए दोनों स्थलों पर तीन पालियों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक पाली में 5-5 सफाई कर्मी लगातार साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। संभावित संक्रमण एवं जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव भी किया जा रहा है। साथ ही, मच्छरों के नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है।जलस्तर बढ़ने के कारण भद्र घाट एवं महावीर घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। इन घाटों पर आम नागरिकों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वहीं, कदम घाट, नरकट घाट, राजा घाट, कर्नल घाट एवं चित्रगुप्त घाट सहित कुछ अन्य घाटों की कुछ सीढ़ियां अभी भी जलमग्न नहीं हुई हैं। इसके कारण कई लोग इन घाटों पर घूमने, फोटोग्राफी करने अथवा गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

नगर निगम द्वारा लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे सभी घाटों पर लगातार माइकिंग कराई जा रही है। आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि गंगा के तेज बहाव एवं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर जाने से पूरी तरह बचें।

पटना नगर निगम द्वारा गंगा के जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं फील्ड टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। निगम की प्राथमिकता संभावित परिस्थितियों से पहले से तैयार रहना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना है।

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