, Oct. 27 -- मद्य निषेध विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में कुल आबादी का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा युवा है, इसलिए बिहार के उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज को नशामुक्त बनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद राज्य में घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपराधिक घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।सचिव ने बताया कि एक महीने तक चलने वाले इस जागरूकता अभियान को चार चरणों में बांटा गया है। पहले सप्ताह में शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे, दूसरे सप्ताह में गांवों पर फोकस किया जाएगा। तीसरे सप्ताह में पर्व को देखते हुए छठ घाटों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर-बैनर के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। चौथे और अंतिम सप्ताह में स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध लेखन, कविता लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से इसका समापन किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद विभागीय अधिकारियों, जीविका दीदियों, सभी जिलों से वीसी के माध्यम से जुड़े डीएम और स्कूली छात्र-छात्राओं, एवं अन्य ने सभी तरह के नशे से दूर रहने और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

मौके पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक रत्न संजय कटियार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, उत्पाद आयुक्त श्रीमती दिव्या शक्ति, निबंधन महानिरीक्षक कृष्ण चन्द्र गुप्ता, ब्रह्माकुमारी संस्था से संगीता दीदी समेत अन्य मौजूद थे।

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