पटना , मार्च 23 -- बिहार दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में लगे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पवेलियन में लगे विभिन्न स्टॉलों पर औषधीय पौधों, मसालों के पौधे, सजावटी सामग्री और पक्षियों के लिए दाना पात्र लोगों के आकर्षण के मुख्य केंद्र बन गये हैं।

पवेलियन में 'नर्सरी स्टोर' नामक स्टॉल पर रूद्राक्ष, हुमाद और मसालों के पौधे लोगों को काफी लुभा रहे है।जानकारी और उपयोगिता की दृष्टि से यह स्टॉल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस स्टॉल पर रूद्राक्ष, चंदन के अलावा लौंग, तेजपत्ता, पान, सर्पगंधा, सतावर, तुलसी, पथरचट्टा, लेमनग्रास, दालचीनी, अजवाइन, धतूरा, लाल चंदन, सफेद चंदन, अगस्त, वासमती आदि के पौधे भी मौजूद हैं। इन पौधों की कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 160 रुपये तक है।

पवेलियन में पटना के विकास कुमार के स्टॉल पर फूलदान, फूलों से भरे फूलदान और खाद बेची जा रही है। यहां की सबसे खास चीज गौरैया और अन्य पक्षियों को दाना खिलाने के लिए बनाए गए पात्र हैं। इन्हें किसी भी पेड़ या घर में टांगा जा सकता है, जिससे पक्षियों को दाना खिलाया जा सके। एक स्टॉल पर आयुष मधुबनी पेंटिंग से जुड़े उत्पाद बेच रहे हैं। इनमें पर्स, लैपटॉप बैग, पेन स्टैंड, अंगवस्त्र, कप कोस्टर, शो पीस, बांस की ट्रे, डायरी और फाइल आदि शामिल हैं।

पवेलियन में संजय गांधी जैविक उद्यान में मौजूद औषधीय पौधों पर आधारित एक विशेष आकृति भी प्रदर्शित की गई है। इसमें सोए हुए इंसान की आकृति पर 19 प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए हैं और उनके औषधीय गुणों की जानकारी दी गई है। इसके अलावा एलईडी स्क्रीन पर बिहार के विभिन्न ईको-टूरिज्म स्थलों की जानकारी दी जा रही है। पवेलियन में ईको-टूरिज्म मॉडल और प्रदूषण मुक्त बिहार का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया है, जो लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहा है।

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