, Oct. 13 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बन रहे एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य आधारभूत संरचनाओं के साथ औद्योगिक विकास को जोड़कर बिहार में निवेश के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार का बजट लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये है, जबकि राज्य का अपना राजस्व करीब 70,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने राज्य के राजस्व को बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल देते हुये कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उद्योग, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में व्यापक विस्तार जरूरी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को प्रोत्साहित करने और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए निवेश से बिहार की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी तथा राज्य के विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

गौरतलब है कि सीटीआरएलएस ने सूचना प्रावैधिकी विभाग के अंतर्गत बिहार आईटी पॉलिसी 2024 के तहत बिहार में डेटा सेंटर स्थापित किया है।

सीटीआरएलएस डेटा सेंटर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी ने अंगवस्त्र भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण,सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी, सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक, कमलवर्धन राव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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