, Sept. 24 -- दो दिवसीय कार्यशाला में स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की शुरुआत कचरे को उत्पन्न होने के स्थान पर ही अलग-अलग करने से होती है। इसके लिए गीले एवं सूखे कचरे के साथ-साथ घरेलू खतरनाक कचरे तथा सेनेटरी कचरे को भी अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था विकसित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण में इस बात पर भी बल दिया गया कि कचरे को शुरुआत में ही निर्धारित श्रेणियों में अलग करने से उसके पुनर्चक्रण, प्रसंस्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है तथा शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
कार्यशाला में नगर पंचायत गोरौल, नगर परिषद महुआ एवं नगर परिषद महनार के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित जिले के सभी सातों नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर नगर परिषद हाजीपुर के नगर प्रबंधक दीपक कुमार तिवारी, स्वच्छता पदाधिकारी मोहित अभिषेक एवं सुश्री साक्षी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
नगर परिषद हाजीपुर की ओर से शहरवासियों से अपील की गई है कि घर से निकलने वाले कचरे को गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक एवं सेनेटरी कचरे के रूप में यथासंभव अलग-अलग छांटकर ही नगर निकाय की कचरा संग्रहण गाड़ी में दें। इससे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं प्रसंस्करण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
शहरवासियों से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने तथा इसके स्थान पर जूट अथवा कपड़े के थैले का अधिकाधिक प्रयोग करने की भी अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर के निर्माण में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया है।
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