, May 13 -- विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. ए. के. बच्चन ने कहा कि कहानियाँ हमें स्वयं तथा दूसरों को समझने की दृष्टि प्रदान करती हैं। कहानियों के पात्रों के माध्यम से विद्यार्थियों में सहानुभूति, संवेदनशीलता और जीवन मूल्यों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि अकादमिक उपलब्धियों के साथ-साथ कहानियाँ जीवन को समृद्ध बनाने और सही दिशा प्रदान करने का कार्य करती हैं।

डॉ. शांभवी ने प्रसिद्ध साहित्यकार रस्किन बॉन्ड के साहित्यिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि देहरादून एवं पर्वतीय क्षेत्रों की पृष्ठभूमि पर आधारित उनके बाल पात्रों का चित्रण अत्यंत जीवंत और प्रभावशाली है। प्रकृति, बचपन और पहाड़ी जीवन के संघर्षों का उनका चित्रण पाठकों को गहराई से प्रभावित करता है।

इस अवसर पर डॉ. तनीमा एवं डॉ. संकेत कुमार झा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में कुल 46 विद्यार्थियों ने भाग लिया। परिणामों में रुबीना परवीन एवं सत्यम ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। साक्षी, कृष्ण मुरारी एवं सिमरन संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि श्रेया ने तृतीय स्थान हासिल किया।कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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