दरभंगा , नवंबर 01 -- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के तत्वावधान में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सौजन्य से आयोजित बिहार-झारखंड भूगोलवेत्ता संघ का दो दिवसीय सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता संघ के संरक्षक प्रो. राणा प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर यूजीसी, नई दिल्ली के पूर्व संयुक्त सचिव डॉ. जीएस चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

प्रो. राणा प्रताप सिंह ने दरभंगा में आयोजित अधिवेशन को सराहनीय, यादगार एवं ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब 2027 में मगध विश्वविद्यालय, गया में आयोजित होने वाले संघ के 28वें अधिवेशन में सभी सदस्य पुनः मिलेंगे। उन्होंने संघ के सदस्यों से संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. जीएस चौहान ने सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जो विद्यार्थी अपने गुरु का सम्मान करता है, वह जीवन में सब कुछ प्राप्त कर सर्वत्र आदर का पात्र बनता है। शिक्षकों का सम्मान आज भी समाज में सर्वोपरि है। उन्होंने ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने पर बल दिया।

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