, April 17 -- कार्यक्रम में सतत् जीविकोपार्जन योजना जिला नोडल, प्रखंडों से सतत् जीविकोपार्जन योजना प्रखंड नोडल, सीएलएफ से लीडर तथा दो लाभार्थी दीदियों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि, डिजिटल साधनों के सशक्तीकरण से लाभार्थियों की सूचना तक पहुंच बढ़ेगी, कार्य-प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी, आजीविका के अवसर व्यापक होंगे, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, अच्छे कार्य कर रही लाभार्थियों के क्रियाकलापों को अन्य लाभार्थियों तक पहुँच विकसित होगी तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में तेजी आएगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत अब प्रतिभागियों को विभिन्न प्रशिक्षण ऑनलाइन एप्लिकेशन के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे, जिनमें एआई आधारित सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। इन डिजिटल माध्यमों के जरिए लाभार्थी न केवल नई आजीविका तकनीकों को आसानी से सीख सकेंगे, बल्कि अपने व्यवसाय को कैसे बढ़ाया जाए, बाजार से बेहतर जुड़ाव कैसे बनाया जाए और आय में वृद्धि कैसे सुनिश्चित की जाए, इन सभी पहलुओं पर व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकेंगे।
इस अवसर पर जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, हिमांशु शर्मा ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत अत्यंत निर्धन परिवारों के 'ग्रेजुएशन एप्रोच' में स्मार्टफोन के उपयोग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और बताया कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से अत्यंत निर्धन परिवारों के लिए संचालित प्रमुख गतिविधियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगी। उन्होंने कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को स्मार्टफोन भी प्रदान किए। इस कार्यक्रम में जीविका एवं एचडीएफसी बैंक के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
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