, March 8 -- उल्लेखनीय है कि, इस केंद्र का संचालन प्रशिक्षित करुणा और संविधान फेलोज़ द्वारा किया जाएगा। ये फेलोज़ राज्य भर में स्थित दीदी अधिकार केंद्रों से फोन कॉल के माध्यम से आने वाली शिकायतों को सुनेंगे, उन्हें व्यवस्थित रूप से दर्ज करेंगे, संबंधित संसाधन व्यक्तियों तक पहुंचाएंगे और उनके समाधान की नियमित निगरानी करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान हो सके। कार्यक्रम के अंत में जीविका के सामाजिक विकास विषयगत थीम के राज्य परियोजना प्रबंधक नीरज कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद हिमांशु शर्मा द्वारा रिबन-कटिंग कर जीविका-दीदी की आवाज़ केंद्र का औपचारिक उद्घाटन एवं केंद्र का शुभारंभ किया गया।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आवाज़ को सशक्त मंच देने, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने तथा जमीनी स्तर पर न्याय और अधिकारों तक उनकी पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

साथ ही आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जीविका द्वारा राज्य, जिला, संकुल स्तरीय संघ तथा ग्राम संगठन स्तर पर महिला सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इन कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, बाल लिंगानुपात तथा बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष चर्चा और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित गईं। इसके साथ ही महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए नई चेतना पहल के संदेश "सुरक्षित रास्ता विकास का रास्ता" तथा "घर का काम सबका काम" का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया और बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त अभियान के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर इन विषयों पर उत्कृष्ट कार्य करने दीदियों को सम्मानित किया गया तथा सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। इसके अतिरिक्त संकुल स्तरीय संघ और ग्राम संगठन स्तर पर भी इन विषयों पर विशेष बैठकों का आयोजन कर जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत किया गया।

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