, Sept. 22 -- जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन सीखने, अपने लक्ष्य को निर्धारित करने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण समय है। अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थी सहयोग शिविर के उद्देश्य और विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के संबंध में भी विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, छात्रावास अथवा अन्य संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को निर्धारित माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने, अपने लक्ष्य के प्रति अनुशासित रहने तथा चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने से संबंधित महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप करियर का लक्ष्य निर्धारित करने और उसके लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा अपने करियर एवं भविष्य से संबंधित कई प्रश्न जिला पदाधिकारी के समक्ष रखे गए। जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों के प्रश्नों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उनके सवालों का जवाब दिया तथा उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखने और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उनके सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाना भी है। विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद से उनकी वास्तविक आवश्यकताओं एवं समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलती है। प्राप्त समस्याओं एवं सुझावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित स्तर पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. समित तिवारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार, भगवानपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी रत्नेश रवि, अंचल अधिकारी कनक लता, जिला युवा अधिकारी स्मृति सैनी सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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