, April 28 -- आज के इस बैठक में रोगी कल्याण समिति द्वारा प्रस्तावित एजेंडा पर एक-एक कर चर्चा की गई। अस्पताल के प्रबंधन एवं संचालन पर विस्तृत विमर्श किया गया। मरीजों के हित में दवाओं एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता, इमर्जेंसी, ऑपरेशन, पैथोलोजी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउण्ड, एक्स-रे एवं अन्य सुविधा, स्वच्छता सहित विभिन्न बिन्दुओं पर सिविल सर्जन द्वारा उपस्थापित प्रस्तावों एवं प्रतिवेदन पर समिति के सदस्यों ने चर्चा की। डॉ. त्यागराजन एस.एम ने कहा कि दूर-दराज और वंचित समुदाय के लोगों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा ही एक मात्र स्रोत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी प्रणाली की रीढ़ है, जो सभी नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के इलाज को प्राथमिकता दी जाए।

ज़िलाधिकारी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रोगियों के इलाज के लिये उत्कृष्ट सुविधा प्रदान करने के लिए उनके स्तर से स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बीएमएसआईसीएल से नियमित तौर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। मरीजों के कल्याण के लिये सम्पूर्ण तंत्र तत्पर है।

डॉ. त्यागराजन एस.एम ने कहा कि रोगियों की अधिकतम संतुष्टि सुनिश्चित करना एवं मरीज-केंद्रित सेवा सुलभ कराना सभी का दायित्व है। दक्ष चिकित्सकों, सक्षम पेशेवरों एवं समर्पित कर्मचारियों के द्वारा मरीजों के प्रति मित्रवत वातावरण का निर्माण किया जा सकता है एवं समाज के हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इस दिशा में तत्पर रहने का निर्देश दिया।

इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ सिविल सर्जन; जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक स्वास्थ्य, उप महाप्रबंधक, बीएमएसआईसीएल एवं रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय तथा कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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