, Aug. 20 -- जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवन एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग एवं पदाधिकारी आपसी समन्वय से भूमि चयन, अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएं।समीक्षा के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत भूमि चयन के बाद अनापत्ति प्रमाण-पत्र के लिए अंचल अधिकारियों के स्तर पर 63 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. अनापत्ति प्रमाण-पत्र से संबंधित लंबित मामलों में पालीगंज में सर्वाधिक 10 तथा फुलवारीशरीफ अंचल में 8 मामले हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनापत्ति प्रमाण-पत्र के अभाव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप के निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी कर्मियों को पंचायत सरकार भवन में बैठकर कार्य करने तथा वहीं बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित कर्मियों का भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा।
जिन पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण नहीं हुआ है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत भूमि उपलब्ध कराने एवं निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। वहीं, जिन पंचायतों में सोलर लाइट अब तक स्थापित नहीं की गई है, वहां शीघ्र सोलर लाइट लगाने के लिए संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि दाखिल-खारिज के निष्पादन में जिले में काफी प्रगति हुई है। हालांकि, राजस्व महाअभियान से संबंधित कई मामले अभी भी लंबित हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे अंचलों, जहां राजस्व महाअभियान के मामले अधिक संख्या में लंबित हैं, के अंचलाधिकारियों एवं भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को अपने कर्मियों के साथ जिला स्तर पर कैंप कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सामाजिक सुरक्षा के पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि एक आश्रयगृह में रह रही महिला को किडनी स्टोन के ऑपरेशन की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को तत्काल संबंधित महिला के उपचार एवं सर्जरी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा आपसी समन्वय के साथ आमजन को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान है।
बैठक में उप विकास आयुक्त शुभम कुमार सहित सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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