, Sept. 26 -- सचिव जय सिंह ने कहा कि जमाबंदी अपडेट करने की जिम्मेवारी अब रैयत की नहीं, बल्कि विभाग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 45 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान जमाबंदी सुधार के लिए रैयतों से किसी प्रकार का आवेदन नहीं लिया जाना है। उपलब्ध अभिलेखों और विभागीय सिस्टम के आधार पर स्वयं पहल करते हुए जमाबंदी में सुधार किया जाएगा।उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निर्देश दिया कि मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य एवं पंचों के साथ बैठक कर मृत जमाबंदी धारकों की पहचान कराई जाए। राजस्व कर्मचारियों को प्रतिदिन मौजा में भेजकर जमाबंदी एवं उत्तराधिकार से संबंधित मामलों की जांच कराई जाए तथा उनके कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए।

सचिव ने कहा कि सभी अंचल अधिकारियों को मिसिंग जमाबंदियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। सूची में मौजूद प्रत्येक खाली स्थान को भरना अभियान का लक्ष्य है। उन्होंने अभियान की वर्तमान गति पर नाराजगी जताते हुए तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस अभियान को हर हाल में परिणाम तक पहुंचाना चाहती है और इसमें किसी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

आरसीएमएस पोर्टल पर न्यायालयीन मामलों की समीक्षा के दौरान सचिव जय सिंह ने एक साल से अधिक पुराने सभी मामलों को समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में पुराने मामलों का लंबित रहना स्वीकार्य नहीं होगा। अधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

न्यायालयीन कार्यों को पूरी तरह ऑनलाइन एवं व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया। ऑफलाइन सर्टिफाइड कॉपी की व्यवस्था समाप्त कर भू-अभिलेख पोर्टल के माध्यम से ही प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से ही मामलों से संबंधित कागजात प्राप्त करने तथा ऑफलाइन कागजात लेने की व्यवस्था समाप्त करने का निर्देश दिया गया।

सचिव ने अधिकारियों से कार्यों में तकनीक का अधिकतम उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से काम आसान होने के साथ-साथ अनावश्यक निर्भरता भी कम होगी। अधिकारियों को उपलब्ध तकनीकी व्यवस्थाओं का उपयोग कर कार्यों का त्वरित, पारदर्शी एवं व्यवस्थित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, संयुक्त सचिव डॉ. सुनील कुमार, संजय कुमार सिंह, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर,नवाजिश अख्तर, अनुपम प्रकाश, उप सचिव अविनाश कुमार, सहायक निदेशक सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद किशोर समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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