, Aug. 10 -- मंत्री ने निर्देश दिये कि लेवल-7 के अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जाए, जो सर्वेक्षण कार्य पूर्ण होने तक संबंधित दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने, उनके सुरक्षित रख-रखाव तथा अभिलेखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी जिलों में सर्वेक्षण से संबंधित रिकॉर्ड को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि दस दिनों के बाद पुनः सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राज्य के सभी एएसओ एवं संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगली समीक्षा से पहले अपने-अपने जिलों में सर्वेक्षण कार्य की प्रगति को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करें।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि सर्वे का कार्य बिहार की तरक्की का नया प्रक्रम है। यह केवल जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का कार्य नहीं, बल्कि भविष्य में भूमि विवादों को कम करने और बेहतर राजस्व प्रशासन की मजबूत नींव तैयार करने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में विशेष सर्वेक्षण कार्य को पूरा करने के निर्देश दिये।
इस दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, सहायक निदेशक सुबोध कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी श्रीमती पल्लवी, राजस्व अधिकारी श्रीमती अनुजा सिन्हा, राजस्व अधिकारी ऐमन फातिमा समेत सर्वे से जुड़े सभी पांचों जिलों के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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