, May 28 -- मंत्री डॉ. जायसवाल ने कहा कि अंचल के दलालों पर नजर रखकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर निगरानी के लिए आर्थिक अपराध इकाई का विशेष सेल गठित किया गया है और विभाग के करीब पौने दो सौ अधिकारी उसकी निगरानी में हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि मंत्री से लेकर अधिकारी तक हर कुर्सी को ईमानदार होना होगा, तभी भ्रष्टाचार पर प्रभावी वार संभव है। समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन तथा आरसीएमएस के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की गई।
मंत्री ने लंबी अवधि से लंबित मामलों के तत्काल निष्पादन का निर्देश दिए । उन्होंने विभागीय ऑनलाइन व्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि जमीन से जुड़ा हर कार्य केवल ऑनलाइन मोड में ही किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी अब भी ऑफलाइन तरीके से काम करते पाए गए तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने संबंधित जिलों की रैंकिंग और कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अगले 15 दिनों में स्पष्ट सुधार दिखाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि सभी जिलों को टॉप-10 में स्थान बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य करना होगा तथा जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना होगा। पटना जैसे बड़े एवं महत्वपूर्ण जिले की हर स्तर पर रैंकिंग में सुधार का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में ये सुधार अवश्य हो, जिलाधिकारी और अपर समाहर्ता नियमित मॉनिटरिंग कर इस काम को पूरा करें।
तीनों जिलों की समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। राजस्व मुख्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के वरिष्ठअधिकारियों की पूरी टीम मौजूद रही। बैठक में सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, विशेष सचिव श्रीमती इनायत खान, अपर सचिव प्रशांत सीएच, डॉ. महेंद्र पाल, आजीव वत्सराज, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, उप सचिव संजय कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार, अरविंद कुमार, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी तथा आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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