, Oct. 9 -- मंत्री ने राजस्व न्यायालयों में लंबित भूमि विवादों की समीक्षा, भूमि लगान वसूली के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति और सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।मंत्री डॉ. जायसवाल ने अपर समाहर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) और अंचल अधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। लंबित आवेदनों, राजस्व न्यायालयों के मामलों और विभागीय सेवाओं के निष्पादन की स्थिति पर नजर रखें। जहां प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां कारणों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं।
सचिव जय सिंह ने कहा कि ई मापी के लंबित मामलों के निष्पादन के लिए सभी अंचल को विशेष सर्वेक्षण अमीन उपलब्ध कराए गए हैं। उन अमीनों की सहायता से लंबित मापी के मामलों में तेजी लाएं। इसके लिए उनके कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जाय।सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी ने समीक्षा बैठक का संचालन करते हुए कहा कि अन स्कैन्ड भू अभिलेखों का सभी अधिकारी प्राथमिकता देकर स्कैन कराएं और लॉगिन में आए रिक्वेस्ट को पूरा करें। इस दौरान स्कैन की क्वालिटी पर भी सभी को ध्यान देने की जरूरत है।
बैठक में अपर सचिव अमित कुमार पांडेय, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर एवं अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर, उप सचिव देवेश कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी राजीव शंकर एवं दीनदयाल राम सहित सभी जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व) उपस्थित थे।
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