, May 13 -- मंत्री ने ऑनलाइन सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भू-अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन भू-अभिलेख जारी नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व कार्यालयों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए राजस्व लिपिक संवर्ग गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने तथा राजस्व कर्मचारी और अमीन के रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने अंचल कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए समेकित रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई करने को कहा।
डॉ. जायसवाल ने विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अलग आर्थिक अपराध इकाई सेल गठित करने की आवश्यकता जताते हुए तीन दिनों के भीतर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग पूरी तरह सूचना प्रौद्योगिकी आधारित हो चुका है, इसलिए आईटी सेल को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने बिहारभूमि पोर्टल से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उसकी क्षमता बढ़ाने और तकनीकी समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में अर्जन निदेशालय और बिहार भूमि न्यायाधिकरण में रिक्त पदों एवं लंबित कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में भू अभिलेख निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत, भू अर्जन निदेशालय के निदेशक श्री कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज समेत विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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