, Oct. 13 -- संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् डॉ. हरिनारायण सिंह ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश के भविष्य की दिशा तय कर रही है। डिजिटल क्रांति के बीच पली-बढ़ी जेन-जी की सोच और सूचना प्राप्त करने के तरीके पिछली पीढ़ियों से अलग हैं। ऐसे में युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाने और भविष्य निर्माण में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण होने के साथ चुनौतीपूर्ण भी है। प्रो. सिंह ने कहा कि जेन-जी नई सोच के साथ ऊंची उड़ान भरने का सपना देखने वाली पीढ़ी है। यह तनाव और दबाव से मुक्त होकर अपनी शर्तों पर जीवन जीना चाहती है। इस पीढ़ी के सपने पारंपरिक रूप से डॉक्टर या इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह डिजिटल क्षेत्र में नए अवसरों और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ना चाहती है। यह कार्यस्थल पर सख्त आदेशों और लंबे समय तक काम करने की बाध्यता से मुक्त होकर जीवन और काम के बीच संतुलन बनाने के साथ अपनी कमाई के अनुरूप खर्च करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि समाज को जेन-जी की सोच और आकांक्षाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करते हुए उसे सहयोग देना चाहिए। नई पीढ़ी के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने के बजाय उसे खुले आकाश में उड़ान भरने का अवसर देना चाहिए।प्रख्यात चिकित्सक डॉ. ए. के. गुप्ता ने कहा कि जेन-जी तकनीक के साथ पली-बढ़ी पीढ़ी है, जिसके जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सोशल मीडिया और कोडिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। भविष्य में देश के तकनीकी उद्यमों और डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में इस पीढ़ी की अहम भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जेन-जी मुखर है। यह पीढ़ी पारंपरिक रोजगार के विकल्पों के साथ उद्यमिता, स्वतंत्र कार्य, सामग्री निर्माण और गिग अर्थव्यवस्था को भी प्राथमिकता दे रही है। नैतिक मूल्यों और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति उसका दृष्टिकोण बाजार और कंपनियों को भी प्रभावित कर रहा है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. रामगोविंद प्रसाद गुप्ता के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। संगोष्ठी में डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. मित्रनाथ झा और डॉ. कृष्ण कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
विषय प्रवेश डॉ. रामचंद्र 'चंद्रेश' ने कराया।
मंच संचालन डॉ. ए. डी. एन. सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत पत्रकार प्रदीप गुप्ता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद गुप्ता ने किया। मौके पर शहर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित