पटना, मार्च 18 -- बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज ने बुधवार को बिहार विद्युत विनियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए घोषित विद्युत टैरिफ में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं किये जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए आयोग के अध्यक्ष एवं उनकी पूरी टीम को धन्यवाद दिया है।
चैम्बर अध्यक्ष पी.के अग्रवाल ने आज बताया कि आयोग की तरफ से बुलाई गई आज की बैठक में चैम्बर की ओर से पूर्व अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी ने हिस्सा लिया।उन्होंने बताया कि विद्युत कंपनियों ने 2026-2027 के लिए विद्युत टैरिफ को बढ़ाने के संबंध में आयोग को जो प्रस्ताव समर्पित किया था, उसे अस्वीकार कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग ने उपभोक्ताओं के हित में निर्णय लिया है जो स्वागयोग्य है।
श्री अगवाल ने बताया कि गैर-घरेलू (एनडीएस-I, एनडीएस-II) के दोनों स्लैब को एक स्लैब कर दिया गया है एवं इस पर वर्तमान निचले स्लैब का उर्जा शुल्क प्रभावी किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे डीएस-II के लिए 1.53 रूपये/यूनिट, एनडीएस-I के लिए 0.42 रूपये/यूनिट और एनडीएस-II के लिए 1.20 रूपये/यूनिट में कमी आएगी, इससे जिस उपभोक्ता का बिजली की खपत अधिक होने के कारण अपर स्लैब में भुगतान करना होता था, वह लाभान्वित होंगे।
चैंबर अध्यक्ष ने बताया कि एनडीएस-II (0.5 किलोवाट उप-श्रेणी तक के संविद भार के लिए ) निश्चित शुल्क में मौजूदा 200 रूपये/कनेक्शन /माह से घटाकर 150 रूपये/कनेक्शन /माह किया गया है। उन्होंने कहा कि एलटीआईएस-I श्रेणी के लिए निश्चित शुल्क जो वर्तमान में 288 रूपये प्रति किलोवाट था, उसे घटाकर 278 रूपये किया गया है एवं एलटीआईएस-I के लिए जो 360 रूपये प्रति किलोवाट था उसे घटाकर 350 रूपये किया गया है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि मशरूम की खेती को कृषि श्रेणी के अंतर्गत शामिल किए जाने से इसके उत्पादक लाभान्वित होंगें तथा इसकी खेती के लिए अधिकाधिक लोग आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि एचटी ऑक्सीजन निर्माण 11केवी श्रेणी को एचटी औद्योगिक-I (एचटीआईएस-I, 11केवी) के साथ और एचटी ऑक्सीजन निर्माण 33केवी श्रेणी को एचटी औद्योगिक-I,(एचटीआईएस-I, 33केवी) के साथ विलय कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ऑक्सीजन निर्माताओं के विद्युत का खर्च अधिक बढ़ जाएगा, इसलिए आयोग को ऑक्सीजन निर्माताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिये, जिससे इस सेक्टर में अधिकाधिक निवेशक आकर्षित हों।
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