, April 8 -- अक्सर यह देखा जाता है कि गाँव के स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्थानीय बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सड़क पार करते समय पैदल चलने वाले यात्रियों विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ता है। इस संदर्भ में विभाग की ओर से संवेदनशील स्थलों की पहचान कर बड़े पैमाने पर जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। अब तक राज्यभर में 36,495 ऐसे स्थलों को चिन्हित किया गया है, जहाँ पैदल आवागमन अधिक रहता है। इनमें से 26,000 से अधिक स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आमजन के लिए सड़क पार करना अधिक सुरक्षित हो गया है। गाँवों के हाट-बाजारों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक ग्रामीण सड़क पर बने ये सुरक्षा चिह्न अब सुरक्षा का नया आधार बन रहे हैं।
बिहार के गांवों में अब केवल संपर्कता ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के मानकों को भी सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग का यही लक्ष्य है कि राज्य की प्रत्येक ग्रामीण सड़क पर यात्रा न केवल सुगम हो, बल्कि पूर्णतः सुरक्षित भी हो, जिससे हर नागरिक बिना किसी भय के सफर कर सके।
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