, March 19 -- वहीं अपर समाहर्ता( आपदा प्रबंधन)कुमार धनंजय ने कहा कि यदि युवा जल संरक्षण और स्वच्छता के संदेश को अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाएंगे तो यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से भी नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में कचरा या प्लास्टिक न डालने तथा अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की।

निदेशक डीआरडीए ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट के कारण गंगा सहित उन नदियों का प्रदूषण का दबाव बढ़ता जा रहा है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नमामि कार्यक्रम के अंतर्गत जन भागीदारी के माध्यम से नदी स्वच्छता एवं संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गंगा स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। सामूहिक प्रयासों और जनसहभागिता के माध्यम से ही गंगा एवं अन्य जलस्त्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखा जा सकता है।

जिला गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी ब्रजमोहन प्रसाद यादव ने गंगा स्वच्छता पखवाड़ा की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता के प्रयासों में आम जनमानस की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जल स्रोतों एवं घाटों पर स्वच्छता के लिए श्रमदान, गंगा स्वच्छता एवं जल संरक्षण शपथ, नुक्कड़ नाटक, पौधारोपण,जनजागरूकता कार्यक्रम तथा महाविद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम के अंत में उप विकास आयुक्त अमित कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुमार धनंजय, निदेशक डी.आर.डी.ए सह नोडल पदाधिक,जिला गंगा समिति सुदामा प्रसाद सिंह, जिला परियोजना पदाधिकारी ब्रजमोहन प्रसाद यादव ने गंगा स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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