, Sept. 15 -- प्रतिष्ठान संचालकों को फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड्स रेगुलेशन्स , 2011 के निर्धारित स्वच्छता एवं हाइजीन मानकों का पालन करने तथा खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।15 सितंबर को समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। समस्तीपुर में गंभीर अनियमितता मिलने पर एक फूड वेंडिंग प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई। वहीं, मुजफ्फरपुर में पनीर, छेना, राबड़ी और पेड़ा के 5 नमूने जांच के लिए लिए गए तथा गया-मोतिहारी रोड स्थित छेना मिठाई निर्माण प्लांट में गंभीर कमियां मिलने पर उसे तत्काल बंद कराया गया। अन्य प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई और फिफो /फेफो प्रणाली के पालन का निर्देश दिया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमित निरीक्षण के दौरान विभिन्न खाद्य श्रेणियों के अब तक कुल 488 संग्रहित किए गए हैं। इनमें दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद के 179, मिठाई के 106, अनाज एवं दाल के 65,मसाले एवं सॉस के 64, बेवरेज के 37 स्ट्रीट फूड एवं बेकरी उत्पाद के 19, एवं खाद्य तेल के 18 नमूने शामिल हैं। वहीं, मांस, मछली एवं अंडा श्रेणी के नमूने जांच के लिये भेजा गया है।
स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को उपभोक्ताओं को केवल सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री का भंडारण, उपयोग या बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा राज्यभर में निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं जांच की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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