, Oct. 24 -- मुजफ्फरपुर जिले में 105 किलोग्राम पनीर, 22 किलोग्राम गुलाब जामुन और 12 किलोग्राम डोडा मिठाई पर कार्रवाई का विवरण दर्ज है। शिवहर में 18 किलोग्राम पनीर, एक्सपायरी दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थ, जबकि सहरसा में पनीर, सैंडविच, बर्गर, सॉस, चिकन और दूध सहित विभिन्न खाद्य सामग्रियां जब्त की गईं। समस्तीपुर में 21 लीटर एक्सपायरी दूध और 18 किलोग्राम पनीर पर कार्रवाई की गई।इसके अलावा पश्चिम चंपारण में 72 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट कराया गया। सीवान एवं गोपालगंज में एक्सपायरी सॉस तथा अन्य पेय पदार्थों पर कार्रवाई हुई। मुंगेर, पूर्णिया एवं मधेपुरा में खराब मिठाई, केक और बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल को नष्ट कराया गया। रोहतास एवं कैमूर में खराब पिज्जा और बेकरी उत्पादों पर कार्रवाई की गई। वैशाली के हाजीपुर में एक होटल की रसोई अस्वच्छ पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित करते हुए संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई।

खाद्य संरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को 14 दिनों के भीतर सुधार करने का नोटिस दिया गया। वहीं, दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 15 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन दर्ज किया गया। संबंधित प्रावधानों के तहत तीन माह तक कारावास एवं 3 लाख रूपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा जांच एवं कार्रवाई की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है। इसके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता वाले स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को 14 दिनों का प्रारंभिक प्रशिक्षण और 26 दिनों का कार्यस्थल प्रशिक्षण देकर जिलों में खाद्य संरक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थापित किया गया है।

अधिकारियों को खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमावली के प्रावधानों की जानकारी दी गई है। जिलों में निरीक्षण एवं छापेमारी दल गठित किए गए हैं।

खाद्य संरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ पैकिंग, साफ-सफाई और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, खाद्य तेल, मसाले, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सेवाओं और ई-कॉमर्स से जुड़े खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी की जा रही है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले और निर्धारित खाद्य संरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पटना सहित राज्य के सभी जिलों में जांच अभियान लगातार चलाया जाएगा।

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