पटना , अक्टूबर 23 -- िहार सरकार राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी कंपनियों, स्टार्टअप और डिजिटल उद्यमों को बढ़ावा देकर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को आधुनिक तकनीक और डिजिटल नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसी कड़ी में अगले पांच वर्षों में पांच लाख विद्यार्थियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाने और उन्हें भविष्य की रोजगार संबंधी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।
राज्य में एआई आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ बड़े एआई मॉडल सहित आधुनिक तकनीकों के विकास और नवाचार पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने और एआई के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ाने की योजना है। सरकार की इस पहल से डिजिटल उद्यमों के विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
बिहार में एआई के क्षेत्र में नवाचार और निवेश को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों तक प्रत्येक वर्ष एक बड़े एआई कार्यक्रम का आयोजन करने की योजना है। इस कार्यक्रम में एआई विशेषज्ञों, कंपनियों, स्टार्टअप, उद्यमियों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाया जाएगा। इससे आधुनिक तकनीकों से जुड़ी जानकारी साझा करने, नए विचारों को प्रोत्साहित करने और व्यावसायिक संभावनाओं को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
राज्य में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को एआई और डिजिटल तकनीकों से जोड़ने की दिशा में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और गूगल फॉर एजुकेशन के सहयोग से पहल की गई है। इसके तहत शिक्षकों एवं प्राध्यापकों को एआई प्रशिक्षण देने और गूगल वर्कस्पेस की सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसी क्रम में हाल ही में पटना स्थित तारामंडल सभागार में 'ट्रांसफॉर्मिंग हायर एजुकेशन इन बिहार विद जेनरेटिव एआई' विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राज्य के सभी 38 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्यों एवं मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में गूगल एजुकेशन इकोसिस्टम, डिजिटल वर्कस्पेस, जेमिनी और रचनात्मक शिक्षण पद्धतियों में एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण तकनीकों और आधुनिक डिजिटल टूल्स से परिचित कराना तथा तकनीकी संस्थानों में नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देना था। मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से प्रशिक्षण का लाभ राज्य के सभी 84 राजकीय तकनीकी संस्थानों तक पहुंचाने की योजना है।
एआई प्रशिक्षण, तकनीकी सुविधाओं के विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने की पहल से बिहार में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। इससे राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने के साथ एआई आधारित उद्यम शुरू करने के अवसर भी मिल सकते हैं।
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