, Sept. 12 -- पंचायती राज मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को पंचायत कार्यालयों का निरीक्षण करने और अभिलेखों को दुरुस्त रखने का भी निर्देश दिए गये हैं। पंचायतों की भूमि और अन्य संपत्तियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जहां भी अतिक्रमण है, उसे हटाने तथा उपलब्ध भूमि को बेहतर तरीके से विकसित करने पर जोर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिए और कहा कि लोग अपनी समस्या लेकर पदाधिकारियों के पास पहुंचते हैं तो उनकी बात गंभीरता से सुनी जाए और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
श्री प्रकाश ने बताया कि जिले में करीब 10 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट खराब होने की जानकारी अधिकारियों से मिली है। जहां भी लाइट खराब है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर मरम्मत कराने का निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने कहा कि लाइट की मरम्मत नहीं कराने वाली एजेंसी पर लगातार दंड लगाया जा रहा है। विभाग के पास जमा उसकी गारंटी राशि भी जब्त की जाएगी। इसके बाद भी यदि एजेंसी काम नहीं करती है तो विभाग को स्वयं कार्रवाई करनी पड़ेगी। ऐसी एजेंसियों को भविष्य में बिहार सरकार के साथ काम करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
श्री प्रकाश ने पंचायत सरकार भवनों में दरार आने और मूर्ति लगाने के लिए जगह नहीं छोड़े जाने के सवाल पर कहा कि इसे गंभीर समस्या नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण में पहले ढांचा खड़ा किया जाता है और बाद में दीवार जोड़ने का काम होता है। इस दौरान कुछ जगहों पर दरार दिखाई दे सकती है, जो इंजीनियर की राय में गंभीर संरचनात्मक समस्या नहीं है।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि भविष्य में बनने वाले पंचायत सरकार भवनों में मूर्ति लगाने के लिए पहले से प्राविधान किया जाएगा। जिन भवनों में दरार आई है, वहां आवश्यक मरम्मत भी कराई जाएगी। मंत्री दो दिवसीय जमुई दौरे पर आए थे।
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