पटना , मई 03 -- ैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया (एमयूआई) के महासचिव कैप्टन सावियो रामोस ने रविवार को कहा कि बिहार के युवा अब वैश्विक समुद्री उद्योग के लिए एक मजबूत प्रतिभा स्रोत के रूप में उभर रहे हैं। श्री रामोस ने आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि "शिपिंग टी20 मैच की तरह नहीं, बल्कि टेस्ट मैच की तरह है। इसमें धैर्य, अनुशासन, निरंतरता और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिले तो बिहार के युवा दुनिया के बेहतरीन सीफेयरर्स बन सकते हैं।उन्होंने बताया कि हाल ही में सीफेयरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी ने युद्ध क्षेत्रों में जान गंवाने वाले सीफेयरर्स के परिवारों को 10 लाख रूपये की सहायता दी है, जबकि मैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया ने मृत अधिकारियों के लिए 12 लाख रूपये की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा रही है, जो इस क्षेत्र की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कैप्टन सावियो रामोस ने कहा कि मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और 'अमृत काल' जैसी पहलों के तहत भारत समुद्री क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें सीफेयरर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वास जताया कि सही जागरूकता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के साथ बिहार वैश्विक समुद्री कार्यबल में अहम योगदान दे सकता है। उन्होंने डीजी शिपिंग के कैप्टन नितिन मुकेश के योगदान की भी सराहना की।उन्होंने कहा कि सीफेयरर्स आज भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और वैश्विक व्यापार को सुचारू बनाए हुए हैं। कोविड-19 के दौरान भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को निभाया।
श्री रामोस ने कहा कि मैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया लगातार सीफेयरर्स के हित में काम कर रहा है, जिसमें रिपैट्रिएशन, कानूनी सहायता, उत्पीड़न और परित्याग जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने गोवा, माथेरान, मसूरी, राइचक, महाबलेश्वर, लोनावला और वलसाड में स्थित मैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया के विश्राम गृहों का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं को फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी।उन्होंने मैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया सदस्य सीफेयरर्स के लिए छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि "यह छात्रवृत्ति सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक अपनापन और सुरक्षा का एहसास है। इससे जुड़ने वाला हर सीफेयरर मैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया परिवार का हिस्सा बन जाता है।"कार्यक्रम में श्री डोरेस कोलाको (जनरल मैनेजर), एडवोकेट उजैर काज़ी (लीगल एडवाइज़र), कैप्टन दीपक शाह (एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्य) और कैप्टन नलिन पांडे (चेयरमैन, एमएफएसडब्ल्युटी ) सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि अधिकतर देशों का विकास समुंदर के सहारे ही हुआ है, इसका उदाहरण ऑस्ट्रेलिया है। भारत के विकास में भी मेरीटाइम का योगदान है और ये एक प्रकार से बैक बोन है।
बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने घोषणा की कि बिहार में मर्चेंट नेवी से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सेल स्थापित किया जाएगा और इसके लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, जिससे इन लोगों की समस्याओं का समाधान सिस्टेमेटिक रूप से हो सके।
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