पटना , अगस्त 07 -- िहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की आशा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, बैठक, विश्राम एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से "आशा घर" चिन्हित किए जाएंगे, इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा सभी सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिवों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में जिला अस्पताल (डीएच), अनुमंडल अस्पताल (एसडीएच ) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी ) परिसर में चिन्हित 'आशा घर' के लिए दो लाख रुपये की राशि सभी जिले को कर्णांकित की गयी है।

उक्त आलोक में राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा निदेश दिया गया है कि 31 अगस्त 2026 तक 'आशा घर' संचालित कर सूचित किया जाये साथ ही संचालित 'आशा घर' का फोटो भी उपलब्ध कराया जाये।

आशा घर का उद्देश्य राज्य की लाखों आशा कार्यकर्ताओं को ऐसा साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे नियमित प्रशिक्षण, मासिक बैठक, क्षमता संवर्धन, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों एवं अन्य विभागीय गतिविधियों में सुविधापूर्वक भाग ले सकें। इससे आशा कार्यकर्ताओं के कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी बनेगी।

आशा घर महिला हितैषी एवं सुविधाजनक होगा। प्रत्येक आशा घर में कम से कम छच बेड की व्यवस्था, सुरक्षित एवं पर्याप्त बैठक कक्ष, स्टील अलमारी (कपबोर्ड), टेबल, कुर्सियां एवं रैक, लॉकिंग व्यवस्था, ट्यूबलाइट एवं पंखे, इलेक्ट्रिक केतली, सफाई के लिए डस्टबिन, संलग्न शौचालय एवं स्नानघर तथा अन्य आवश्यक उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सुविधाओं से आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण प्राप्त होगा।

आशा घर के सुचारु संचालन एवं रख-रखाव के लिए प्रत्येक जिले में एक संचालन समिति गठित की जाएगी। यह समिति भवन के उपयोग, रख-रखाव, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बैठकों एवं अन्य गतिविधियों की नियमित निगरानी करेगी। आशा फेसिलिटेटर तथा संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारी समन्वित रूप से इसके संचालन में सहयोग करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि आशा कार्यकर्ता राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, गैर-संचारी रोगों की जांच, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आशा घर की स्थापना से उनकी कार्यक्षमता, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा सामुदायिक सहभागिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। इस पहल से आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक स्थायी संसाधन केंद्र विकसित होगा, जहां वे प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ-साथ अनुभव साझा कर सकेंगी और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।

मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का यह अभिनव कदम राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, आशा कार्यकर्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। बिहार सरकार आशा कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण एवं जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।

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