पटना , अक्टूबर 27 -- बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने राज्य के छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के नीतिगत एवं वित्तीय निर्णय लेने पर रोक लगा दी है।

यह प्रतिबंध उनके कार्यकाल की समाप्ति निकट होने के मद्देनजर लगाया गया है। अब संबंधित कुलपति कुलाधिपति की पूर्व अनुमति के बिना नीतिगत या वित्तीय दायित्व उत्पन्न करने वाले निर्णय नहीं ले सकेंगे।

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि जिन छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों पर यह प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा; जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा; भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा; आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना; कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा और बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर शामिल हैं।

इन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का कार्यकाल निकट भविष्य में समाप्त होने वाला है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कुलाधिपति के निर्देश के अनुसार, संबंधित कुलपति अब नियुक्ति और स्थानांतरण संबंधी कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें ऐसी कोई नई योजना शुरू करने या नया कार्य करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे विश्वविद्यालय पर वित्तीय दायित्व उत्पन्न हो अथवा वित्तीय दायित्वों के निर्वहन से संबंधित कोई निर्णय लेना पड़े।

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