मोतिहारी , अगस्त 17 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज स्थित प्रसिद्ध सोमेश्वर नाथ महादेव धाम में पवित्र श्रावण मास की तीसरी सोमवारी पर सोमवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के सौजन्य से देवाधिदेव बाबा सोमेश्वर नाथ महादेव एवं उनके दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से भव्य पुष्प वर्षा की गई। आसमान से बरसते फूलों के बीच पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बाबा सोमेश्वर नाथ के जयघोष से गूंज उठा।

हेलीकॉप्टर के मंदिर के ऊपर पहुंचते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। जैसे ही आसमान से पुष्पों की वर्षा शुरू हुई, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर इसका स्वागत किया। भक्तों के चेहरों पर आस्था और उल्लास साफ झलक रहा था। पुष्प वर्षा के इस विहंगम दृश्य ने श्रावणी सोमवारी के धार्मिक माहौल को और दिव्य बना दिया।

'बिहार की काशी' के नाम से विख्यात अरेराज की आध्यात्मिक पहचान दो हजार वर्षों से भी अधिक पुरानी पौराणिक परंपरा से जुड़ी बताई जाती है। सोमेश्वर नाथ महादेव धाम को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी धार्मिक आस्था है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग का संबंध भगवान चंद्रमा की तपस्या और भगवान शिव की आराधना से जुड़ा है।

मंदिर के महंत रविशंकर गिरि के अनुसार, "चंद्रमा ने अपने क्षय रोग (श्राप) से मुक्ति पाने के लिए महर्षि अगस्त्य की प्रेरणा से यहां शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की आराधना की थी।" मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना के बाद चंद्रमा को अपने श्राप से मुक्ति मिली। इसी पौराणिक प्रसंग के कारण सोमेश्वर नाथ धाम की महत्ता शिवभक्तों के बीच विशेष मानी जाती है।

श्रावण मास में इस पौराणिक शिवधाम की महत्ता और बढ़ जाती है। तीसरी सोमवारी के अवसर पर जिले के विभिन्न हिस्सों के अलावा दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अरेराज पहुंचे। भक्तों ने बाबा सोमेश्वर नाथ का जलाभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।

पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित हेलीकॉप्टर पुष्प वर्षा ने इस बार श्रावणी आयोजन को खास बना दिया। मंदिर के ऊपर मंडराते हेलीकॉप्टर से गिरती पुष्प पंखुड़ियों और नीचे उमड़े श्रद्धालुओं का दृश्य बेहद मनोहारी रहा। भक्तों ने इस दिव्य क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।

पुष्प वर्षा के दौरान श्रद्धालुओं में ऐसा उत्साह दिखा कि पूरा परिसर जयकारों से गूंजने लगा। कोई दोनों हाथ उठाकर पुष्पों को ग्रहण करता नजर आया तो कोई बाबा सोमेश्वर नाथ का जयकारा लगाते हुए इस आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना।

अरेराज का सोमेश्वर नाथ धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र पर भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 'बिहार की काशी' के रूप में इसकी पहचान और यहां की प्राचीन पौराणिक परंपराएं श्रद्धालुओं को लगातार आकर्षित करती हैं। श्रावण मास में यहां उमड़ने वाली भीड़ इस आस्था की व्यापकता को दर्शाती है।

तीसरी सोमवारी पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा ने इस प्राचीन शिवधाम में आस्था के उत्सव को और भव्य बना दिया। आसमान से बरसते फूलों और नीचे गूंजते 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच अरेराज का सोमेश्वर नाथ धाम पूरी तरह शिवमय नजर आया।

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