, Oct. 28 -- यूनिसेफ बिहार की चीफ ऑफ फील्ड ऑफिसर (प्रभारी) सुश्री मोना सिन्हा ने अपने उद्घाटन संबोधन में केयर इकोनॉमी को सामाजिक नीति, लैंगिक समानता और रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण विषय के रूप में रेखांकित किया। वहीं, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने ग्रामीण आजीविका, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और देखभाल सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि केयर इकोनॉमी में जीविका दीदियों की भूमिका केवल अनौपचारिक देखभाल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हमें उन्हें चयन कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार औपचारिक प्रमाणन, भाषा कौशल (स्थानीय एवं विदेशी भाषाएं) और पेशेवर रूप से क्षमता निर्माण करने की आवश्यकता होगी तभी दीदियों की वास्तविक आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकेंगे।
बिहार सरकार की राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य सुश्री हरजोत कौर बम्हरा ने देखभाल संबंधी आवश्यकताओं और सामाजिक कल्याण के दृष्टिकोण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से किशोरियों के स्वयं सहायता समूह का गठन कर शुरुआती चरण से ही उन्हें भाषा प्रशिक्षण, शिक्षा और व्यावसायिक कौशल से जोड़कर हम देखभाल क्षेत्र में एक नई और दक्ष पीढ़ी तैयार कर सकते हैं। यह ग्रामीण युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।
उद्घाटन सत्र का समापन जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, श्रीमती अनन्या सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि केयर इकॉनोमी पहल से जहाँ एक ओर जीविका से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलेगा वहीं जरूरतमंदों को उनके देखरेख के लिये प्रशिक्षित सेवा प्रदाता मिलेगें।
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