, July 15 -- मंत्री ने कहा कि पुनौराधाम में माँ सीता जन्मस्थली के समग्र विकास, सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र के उन्नयन, राजगीर, वाल्मीकिनगर, फुलहर, सिंहेश्वर, कुशेश्वरस्थान, पटना हाट, पटना साहिब तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना विकास के कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत- आधारित पर्यटन को नई गति प्रदान करना है। श्री गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना 2026 तथा मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 जैसी महत्त्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से पर्यटक सुविधाओं का विस्तार होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा पर्यटन के नए आयाम विकसित होंगे।
मंत्री ने बताया कि श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर भागलपुर, बांका और मुंगेर सहित संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रशासनिक एवं पर्यटन संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि टेंट सिटी, सूचना केंद्र, प्रकाश व्यवस्था, थीमेटिक गेट, लेजर शो, ड्रोन शो, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक सुविधाओं सहित अनेक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित अनुभव प्राप्त हो सके।
श्री गुप्ता ने कहा कि बिहार पर्यटन नीति 2023 के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि नीति के अंतर्गत 37 प्रस्तावों को प्रथम चरण की स्वीकृति तथा 02 परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, साथ ही राज्य में पांच सितारा होटल परियोजनाओं की दिशा में भी कार्रवाई प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा बिहार पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये देश के प्रमुख शहरों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो, एयरपोर्ट, बस शेल्टर तथा डिजिटल माध्यमों में अभियान संचालित किए जा रहे हैं। विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न पर्यटन मेलों एवं आयोजनों में सक्रिय सहभागिता दर्ज कर राज्य की पर्यटन क्षमता को व्यापक मंच प्रदान किया है।
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