, July 15 -- इस अवसर पर पर्यटन विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और ऐतिहासिक गौरव को पर्यटन विकास के माध्यम से नई पहचान दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि बिहार को एक सुरक्षित, सुलभ, आकर्षक और आधुनिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए विभाग समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि पर्यटन विकास का लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय पहचान तथा सामाजिक सहभागिता के रूप में व्यापक स्तर पर परिलक्षित हो ।श्री मिश्रा ने कहा कि पर्यटन विभाग, बिहार राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक परिपथों, सांस्कृतिक आयोजनों एवं निवेशोन्मुख पहलों को नई गति देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विभाग का विश्वास है कि समन्वित प्रयासों, सुदृढ़ अवसंरचना, प्रभावी प्रचार-प्रसार और जनसहभागिता के माध्यम से बिहार निकट भविष्य में देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में अपना विशिष्ट स्थान सुनिश्चित करेगा।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग की विभागीय पत्रिका यायावर का विमोचन किया गया।
श्री मिश्रा ने बताया कि विभागीय पत्रिका में विभाग की सभी गतिविधियों को समाहित किया गया है, इससे पाठकगण सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम नंद किशोर, संयुक्त सचिव प्रदीप सिंह, संयुक्त सचिव श्रीमती इंदु कुमारी, संयुक्त निदेशक राजेश रौशन समेत सभी वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
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