, April 17 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इन सभी लंबित मामलों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभागों तथा बियाडा को निर्देश दिये हैं कि वे प्रस्तावित भूमियों के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र बिना किसी देरी के अविलंब निर्गत करें। इसके साथ ही, संबंधित जिलाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि वे विद्यालय के लिए चिन्हित भूमि से अतिक्रमण हटाने, आवश्यक संपर्क मार्ग का निर्माण सुनिश्चित करने तथा भूमि हस्तांतरण व लीज डीड की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करें।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने अस्थायी भवनों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। अधिकांश जिलों में राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए अस्थायी भवनों (जैसे- हाई स्कूल, कॉलेज, और छात्रावास) को उपयुक्त पाया गया है, लेकिन उनमें मरम्मत की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि इन अस्थायी भवनों के मरम्मत और रखरखाव का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इन सभी ढांचागत और प्रशासनिक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करना है, जिससे राज्य के इन 19 नए केंद्रीय विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से और यथाशीघ्र प्रारंभ हो सके।
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