, March 24 -- यहां बिहार कृषि ऐप में मौजूद सुविधाओं की जानकारी दी जा रही थी। डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री को लेकर बिहार की उपलब्धियों और इससे किसानों को होने वाले लाभ से यहां आने वाले रूबरू हुए। मिट्टी जांच प्रयोगशाला के स्टॉल पर इस जांच के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।

कृषि ड्रोन से फसलों पर कीटनाशी एवं तरल उर्वरक छिड़काव योजना की भी जानकारी पौध संरक्षण संभाग के स्टॉल पर मिल रही थी। बिहार राज्य जैविक मिशन का स्टॉल प्राकृतिक तरीके से खेती करने को लेकर जागरूक कर रहा था। बिहार राज्य बीज निगम का स्टॉल यहां अधिक उत्पादन के लिए उन्नत बीजों के महत्व को बता रहा था। इस पवेलियन में भूमि की सेहत को बचाने के तरीके कलात्मक अंदाज में बताए गए।

इसके साथ ही विभिन्न फसलों के उन्नत बीज, फल-फूल के पौधे, मोटे अनाज, शहद, मशरूम, आचार आदि भी यहां लगे स्टॉलों पर मौजूद थे। यहां मौजूद स्टॉल कृषि-बागवानी से जुड़े लघु एवं कुटीर उद्योगों की सफलता की कहानी को भी बखूबी बयां कर गए। कृषि विभाग का यह पवेलियन तेजी से आधुनिक होती बिहार की कृषि और विकास के पथ पर बढ़ते बिहार की कहानी को बता रहा था।

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