, July 15 -- मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों तथा जिला परिषद अध्यक्षों के मोबाइल नंबर अपने पास रखें और उनके फोन का सम्मानपूर्वक जवाब दें। यदि किसी कारणवश तत्काल फोन नहीं उठा सकें तो बाद में अवश्य कॉल बैक करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखने से लोगों की अनेक शिकायतों का समाधान खुद-ब-खुद हो सकता है।सहायक निदेशकों एवं खनन विकास पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने बालू घाटों के बंदोबस्त में देरी, राजस्व संग्रह में कमी, समय पर एफआईआर दर्ज नहीं होने तथा वाहनों की जब्ती में ढिलाई पर नाराजगी व्यक्त की।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगली समीक्षा बैठक से पहले प्रत्येक जिले में राजस्व संग्रह की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करें। विशेष रूप से नव-नियुक्त खनन विकास पदाधिकारियों को दस्तावेजी प्रक्रिया, बिहार खनन नियमावली तथा विभागीय नियम-कायदों का गहन अध्ययन करने को कहा।

विभागीय सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अधिकारी निर्धारित राजस्व लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाए तो उनके विरुद्ध निलंबन अथवा सेवा से बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की सात तारीख तक अनिवार्य रूप से रिपोर्ट भेजी जाए। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी का वेतन अगले तीन माह तक रोक दिया जाएगा। साथ ही, जो खनन विकास पदाधिकारी लगातार दो वर्षों तक राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे, उन्हें निलंबित कर दंडस्वरूप खनन निरीक्षक के पद पर पदावनत किया जाएगा।

सचिव ने कहा कि जो खनन निरीक्षक एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक विलंब करते हैं, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईंट-भट्ठों के मामलों में सिर्फ आदतन नियमों का निरंतर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। सामान्य मामलों में पहले नोटिस जारी कर रॉयल्टी की मांग की जाए और उसका भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने सभी खनन विकास पदाधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम एक या दो बार अपने जिले में क्षेत्रीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

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