, Sept. 24 -- यह योजना सभी पंजीकृत रैयत एवं गैर-रैयत किसानों के लिए लागू है। योजना का लाभ किसान/किसान परिवार को दिया जाएगा। किसान परिवार में पति-पत्नी तथा अवयस्क बच्चे शामिल होंगे। आवेदन के समय आधार सत्यापन के साथ परिवार का विवरण देना अनिवार्य होगा। परिवार के विवरण में अनियमितता पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।रैयत किसान/किसान परिवार के लिए वर्ष 2023-24, 2024-25 अथवा 2025-26 का एलपीसी /लगान रसीद मान्य होगी। गैर-रैयत किसान परिवार के लिए निर्धारित स्वघोषित प्रमाण-पत्र मान्य होगा, जिसे संबंधित जनप्रतिनिधि (वार्ड सदस्य/मुखिया/सरपंच) एवं कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित किया जाना आवश्यक है। प्रमाण-पत्र का निर्धारित प्रारूप डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध है।
जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने संबंधित कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति के सर्वेक्षण एवं सत्यापन की कार्रवाई में तेजी लाई जाए तथा पात्र किसानों को नियमानुसार कृषि इनपुट अनुदान का लाभ उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फसल क्षति के आकलन को पारदर्शी एवं तथ्यपरक बनाने के लिए प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार सत्यापन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे 23 से 29 सितम्बर 2026 के बीच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें। ऑनलाइन आवेदन, फसल क्षति सर्वेक्षण अथवा योजना से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होने पर किसान उपरोक्त संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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