पटना , अक्टूबर 21 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि बिहार की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती राज्य के रूप में इसकी सामरिक महत्ता को देखते हुए इसे विशेष दृष्टिकोण से समझने की जरूरत है।

राज्यपाल श्री हसनैन से बुधवार को बिहार लोक भवन में भारतीय विदेश सेवा के वर्ष 2011 बैच के सात अधिकारियों ने मुलाकात की। ये अधिकारी मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बिहार आए हुए हैं।

राज्यपाल ने मुलाकात के दौरान बिहार की बौद्ध एवं सांस्कृतिक विरासत, नालंदा की गौरवशाली ज्ञान परंपरा और नए स्वरूप में नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ज्ञान शक्ति का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और राजनयिकों को देशहित में इसका बेहतर उपयोग करना चाहिए।

श्री हसनैन ने विदेशों में रह रहे बिहार के लोगों की प्रतिभा और क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें राज्य के विकास से जोड़ने की आवश्यकता है। इस दिशा में बिहार फाउंडेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने फाउंडेशन को और मजबूत बनाने तथा उसके प्रभावी नेतृत्व के विकास पर भी बल दिया।

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