, Feb. 23 -- फसल अवशेष प्रबंधन के लिये स्पेशल कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना हेतु राज्य के 15 जिलों में किसानों/समूहों को 20.00 लाख रूपये की लागत पर 80 प्रतिशत अधिकतम 12 लाख रूपये अनुदान दिया जाता है। इसके तहत राज्य में कुल भौतिक लक्ष्य 120 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना किये जाने के लिये कुल 14.40 करोड़ की वित्तीय लक्ष्य का प्रावधान किया गया है। इसमें अब तक 1586 आवेदन प्राप्त हुये है, जिसमें से ऑनलाईन लॉटरी कर 144 स्वीकृति पत्र निर्गत की गई तथा अब तक इस घटक अंतर्गत कुल 116 किसानों/समूहों द्वारा स्पेशल कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना कराया जा रहा है।
एसएमएएम योजना के फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना घटक के लिये कृषक समूहों को 10.00 लाख रूपये की लागत पर 80 प्रतिशत अधिकतम 8.00 लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है। इस घटक में कुल 3.4 करोड़ रूपये की लागत से राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक- फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना किये जाने के लिये लक्षित है। इसमें अब तक 71 आवेदन प्राप्त हुये है, जिसका ऑनलाईन लॉटरी कर 42 स्वीकृति पत्र निर्गत की गई तथा जिसमें से कुल 27 समूहों द्वारा फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की जा रही है।
कृषि मंत्री द्वारा लॉटरी प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य स्तर से केन्द्रीयकृत लॉटरी कराने का निर्णय लिया गया है। अधिकाधिक किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिये चयनित आवेदकों के अतिरिक्त दोगुनी संख्या में प्रतीक्षा सूची भी जारी की जाएगी, जिससे प्रतीक्षारत किसानों को भी अवसर मिल सके तथा जिलास्तर पर बार-बार लॉटरी कराने की जटिल प्रक्रिया से बचा जा सके।
श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर कृषि को लाभकारी और आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रीकरण से खेती की लागत में कमी, समय की बचत एवं उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों की आय में सतत वृद्धि संभव हो सके।
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