, Sept. 14 -- अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सही दृष्टिकोण, वैचारिक चिंतन, नैतिक मूल्यों एवं कौशल विकास की क्षमता विकसित करना है। शिक्षा विद्यार्थियों को सोचने, प्रश्न करने, समस्याओं का समाधान खोजने तथा ज्ञान को व्यवहार में लागू करने योग्य बनाए, तभी उसका वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा को रटने एवं परीक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे ले जाकर समग्र विकास, आलोचनात्मक चिंतन, अनुभवात्मक अधिगम एवं कौशल विकास पर केंद्रित करती है। उन्होंने प्रतिभागियों से एआई को शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय मौलिक सोच, वैचारिक स्पष्टता एवं शोध क्षमता को मजबूत करने वाले साधन के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

कुलपति ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में ज्ञान को अनुभव, प्रयोग, चिंतन एवं कौशल से जोड़ने की समृद्ध परंपरा रही है। आधुनिक एआई को भारतीय ज्ञान परंपरा की वैचारिक गहराई, मानवीय मूल्यों एवं नैतिक दृष्टिकोण से जोड़कर शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा दी जा सकती है।

कुलपति ने कार्यशाला के आयोजन के लिए संयोजक डॉ. अभिषेक राय एवं डॉ. अनिन्द्र शर्मा को बधाई दी। उन्होंने रसायन विज्ञान विभाग में प्रो. डॉ. नीलाम्बर चौधरी अध्यक्ष कक्ष, सम्मेलन कक्ष तथा नवीनीकृत रसायन विज्ञान विभाग का उद्घाटन किया और इन सुविधाओं को विभाग की शैक्षणिक, शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता एवं रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने स्वागत संबोधन में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। कार्यशाला के संयोजक डॉ. अभिषेक राय एवं डॉ. अनिन्द्र शर्मा ने विषय-वस्तु की जानकारी देते हुए कहा कि एआई शोध-विषय एवं शोध-प्रश्नों के विकास, साहित्य समीक्षा, आंकड़ों के विश्लेषण, वैज्ञानिक लेखन एवं नवाचार सहित अनुसंधान के विभिन्न चरणों को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकता है।

पांच दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को एआई आधारित विभिन्न उपकरणों के माध्यम से शोध-विषय एवं शोध-प्रश्नों के चयन, साहित्य समीक्षा, आंकड़ा विश्लेषण, वैज्ञानिक लेखन एवं शोध प्रस्तुतीकरण सहित विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित