, July 22 -- प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया द्वारा छह अत्याधुनिक रेडिएंट वार्मर और छह पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए गए हैं। इनकी मदद से एनआईसीयू में छह नए बेड जल्द ही शुरू किए जाएंगे जिससे अधिक संख्या में गंभीर नवजात शिशुओं का इलाज संभव हो सकेगा।उप निदेशक (प्रशासन) नितोत्पल बल ने कहा कि एनआईसीयू के विस्तार से मौजूदा संसाधनों पर दबाव कम होगा और बिहार सहित आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर नवजात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
समारोह में बैंक ऑफ इंडिया की ओर से उप महाप्रबंधक एस. मलाया दास, जोनल मैनेजर ओ. पी. चौधरी, ब्रांच मैनेजर (एम्स पटना) अमितेश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैंक के अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए बैंक भविष्य में भी अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से सहयोग जारी रखेगा।
कार्यक्रम में नियोनेटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भवेश कांत चौधरी एवं विभाग के अन्य चिकित्सक और कर्मचारी भी उपस्थित थे।
डॉ. चौधरी ने बताया कि नए रेडिएंट वार्मर और पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं की तापमान नियंत्रण, ऑक्सीजन स्तर की निरंतर निगरानी तथा समुचित देखभाल और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी जिससे उनके उपचार के परिणाम और बेहतर होंगे।
यह पहल बैंक ऑफ इंडिया की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है वहीं एम्स पटना के सुरक्षित, सुलभ, किफायती और विश्वस्तरीय नवजात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को भी नई मजबूती प्रदान करती है।
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